मेरे अनुभवों को मैंने शब्दों मे उकेरा है
आस पास विषयो का डेरा है,
कलम जब हाथ मैं चड़ता है
तोंह खयालो का जाल मन मे बुन्नता है,
कभी शुन्य को चुनता हूँ तोंह
कभी प्रकाश को भी धुनता हूँ.
मुझे पता है मेरी कविताये
न होती कुछ ख़ास है
बस ये तोंह मेरी कोरी बकवास है
पर लिखना मेरा शौक है,
इसलिए कलम पे मेरी धौक है.

background page accha hai....
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